Thursday, 6 March 2014

मोहक वसंत


बीता कटु शीत शिशिर  
मोहक  वसंत आया 

पुष्प खिले वृन्तो पर 
मुस्काये हर डाली. 
मादक महक चहुँ दिशा 
भरमाये मन आली. 
तरुण हुई धूप खिली 
शीत का अंत आया .
बीता कटु शीत शिशिर  
मोहक  वसंत आया .

प्रिया की सांसों सी
मद भरा ऊषा अनिल.   
अंग अंग उमंग रस 
जग लगे मधुर स्वप्निल. 
कुहूक  बोले कोयल
कवि नवल छंद गाया.
बीता कटु शीत शिशिर  
मोहक  वसंत आया .. 


आम्र वृक्ष स्वर्ण मौर 
महुआ  रस टपकाया. 
देखूं दृश्य अनिमेष 
किसने चित्र बनाया. 
अभिसार पूरित  ह्रदय 
जग प्रेम दिगंत छाया.
बीता कटु शीत शिशिर  
मोहक  वसंत आया .

त्याग शर्म अवगुंठन 
दे रही प्रणय  निमंत्रण. 
वृक्ष लता लिपटाया  
नगर नगर हर उपवन.
हर कोने   में वसुधा 
के हर्ष अनंत छाया. 
बीता कटु शीत शिशिर  
मोहक  वसंत आया .

..... नीरज कुमार नीर  
चित्र गूगल से साभार 
#basant #बसंत 
#neeraj_kumar_neer 

28 comments:

  1. बहुत सुन्दर कविता....

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  2. अपनी रचना के माध्यम से मोहक वसंत का बहुत ही मनोरम शब्द चित्र खींचा है ! सुंदर सुमनों के सौरभ से सुवासित सी रचना !

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  3. प्रकृति करवट लेती हुयी।

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  4. वसंत के विविध रंगों को दर्शाती बहुत सुंदर रचना.
    नई पोस्ट : पंचतंत्र बनाम ईसप की कथाएँ

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  5. Itni sundar kavitayen kaise rach lete ho mere bhai. Vinod Passy

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  6. बहुत सुन्दर कविता.
    आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (07.03.2014) को "साधना का उत्तंग शिखर (चर्चा अंक-१५४४)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें, वहाँ आपका स्वागत है, धन्यबाद।

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    Replies
    1. आपका हार्दिक आभार।

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  7. और रचना भी अत्यंत मोहक है.

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  8. वाह भाई साहब वाह
    आपने तो बसंती बयार बहा दी। सुन्दर अति सुन्दर रचना।
    बधाई

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  9. बसंत का माधुर्य लपेटे सुन्दर काव्य ...

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  10. मंगलवार 11/03/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    आप भी एक नज़र देखें
    धन्यवाद .... आभार ....

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  11. बसंत के माधुर्य और खुशबू में लिपटी सुंदर रचना .......

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  12. बहुत सुन्दर गीत...शब्दों और भावों का सुन्दर संयोजन...

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  13. अति सुन्दर मनभावन रचना...
    :-)

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  14. बसंत की मादकता का मनोहारी चित्रण | अतीव सुन्दर!!

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  15. बसंत के खुशबु को समेटे खूबसूरत रचना .....!!

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  16. बहुत सुन्दर कविता

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  17. नगर नगर हर उपवन.
    हर कोने में वसुधा
    के हर्ष अनंत छाया.
    बीता कटु शीत शिशिर
    मोहक वसंत आया ...बहुत सुन्दर

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  18. वसंत का सुंदर स्वागत...

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  19. वाह क्या तो आरम्भ है और अंत तो यूँ कि पढ़ने वाला स्वयं ही वसंतमय हो जाये ...... दिल माँगे और

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  20. kyaa sundar basent kaa vrnn kiya hai.
    Vinnie

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  21. आप सबका हार्दिक आभार .

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  22. बहुत ही सुन्दर कविता भाई नीर जी बधाई

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आपकी टिप्पणी मेरे लिए बहुत मूल्यवान है. आपकी टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार.

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