Monday, 9 December 2013

वही जी रहा हूँ


तुमने खीची थी जो
सादे पन्ने पर
आड़ी तिरछी रेखाएं
वही मेरी जिंदगी की
तस्वीर  है
वही जी रहा हूँ.

रस भरी के फल
जिसे छोड़ दिया था
तुमने कड़वा कहकर
वही मेरी जिंदगी की
मिठास  है .
वही जी रहा हूँ ..

मंजिल पाने की जल्दी में
जिस राह को छोड़ कर
तुमने लिया था शोर्ट कट
वही मेरी जिंदगी की
राह है .
वही जी रहा हूँ .

तुम हो गये मुझसे दूर
तुम्हे अंक के पहले का शून्य बनना था
मैं तुम्हारा शून्य समेटे हूँ
वही मेरी जिंदगी का
सत्य  है
वही जी रहा हूँ . 
नीरज कुमार नीर
#neeraj_kumar_neer 

18 comments:

  1. प्रेम ही तो है जो जीवन को दिशा देता है. अति सुन्दर रचना.

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  2. बढ़िया है आदरणीय-
    शुभकामनायें -

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  3. प्रेम में महकी हुई सुंदर सी रचना......
    क्योंकि किसी से प्रेम जो किया है .

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  4. प्रेम रंग में रंगी बहुत ही सुन्दर रचना...
    :-)

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  5. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  6. अपना पथ ही निरंतर अच्छा होता है ... फिर प्रेम हो तो उनकी हर छोड़ी हुई चीज़ भी मन के करीब होती है ...

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  7. बहुत ही प्रस्तुति !!!

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  8. बहोत खूब......तुमने जो भी दिया ..मैंने आत्मसात किया ...उसे ही मोहब्बत मानकर जी रहा हूँ......!!!!

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  9. सुंदर भावाव्यक्ति है !

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  10. तुमने खीची थी जो
    सादे पन्ने पर
    आड़ी तिरछी रेखाएं
    वही मेरी जिंदगी की
    तस्वीर है
    वही जी रहा हूँ.
    ....दिल को छूती बहुत ख़ूबसूरत रचना...

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  11. hindibloggerscaupala.blogspot.com/ के शुक्रवारीय अंक १३/१२/१३ मैं आपकी रचना को शामिल किया जा रहा हैं कृपया अवलोकन हेतु पधारे .धन्यवाद

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  12. उम्दा रचना, उम्दा लिखारी

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  13. कोमल भावनाओं से ओतप्रोत बहुत ही सुंदर रचना ! बहुत सुंदर बात कही है रचना में बधाई स्वीकार करें !

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  14. बढ़िया कविता

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आपकी टिप्पणी मेरे लिए बहुत मूल्यवान है. आपकी टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार.

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